PM-VIKAS प्रधानमंत्री विश्वकर्मा कौशल सम्मान 2023 (PM Vishwakarma Kaushal Samman Yojana in Hindi) Empowering Excellence skill

प्रधानमंत्री विश्वकर्मा कौशल सम्मान (PM-VIKAS) का परिचय:

प्रधानमंत्री विश्वकर्मा कौशल सम्मान (PM-VIKAS Yojana) भारत सरकार द्वारा प्रदान किया गया एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम है। यह कार्यक्रम भारतीय कारीगरों को मान्यता, सम्मान, और स्टेटस के साथ उनके योग्यता और कौशल का पुनर्निर्धारण करने के उद्देश्य से शुरू किया गया है। PM-VIKAS को चलाने के लिए National Skill Development Corporation (NSDC) ने एक मार्गदर्शक सामग्री तैयार की है, जिसे उपयोग करके विशेषज्ञ कारीगरों को उनके क्षेत्र में फायदा पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।

पीएम-विकास योजना अनेक प्रकार के कौशल विकास परियोजना का प्रावधान करती है। यह सक्रिय तरीके से युवाओं, महिलाओं, बेरोज़गारों, अपंग व्यक्तियों और खिलाड़ियों के लिए रोजगार के अवसर सृजित करने में मदद करती है। कौशल विकास परियोजना के अंतर्गत, विभिन्न क्षेत्रों में प्रशिक्षण कार्यक्रम, सरकारी और गैर-सरकारी संगठनों के साथ सहयोग, औचित्य स्थापना, और यौगिकता विकास की प्राथमिकता होती है। इसलिए, इस लेख में हम, प्रधानमंत्री विश्वकर्मा कौशल सम्मान योजना के बारे में विस्तार से चर्चा करेंगे और जानेंगे कि इसका क्या महत्व है और इसके माध्यम से कौशल विकास कैसे हो रहा है। तो चलिए आरंभ करते है।

PM-VIKAS योजना का महत्व:

PM-VIKAS योजना का महत्वपूर्ण साधारित कार्यक्रमों में एक महत्वपूर्ण और प्रभावी कदम है। इस योजना के अंतर्गत, भारतीय कारीगरों को विभिन्न कौशल संबंधित क्षेत्रों में प्रशिक्षण का मौका मिल रहा है। यह योजना उनके योग्यता को मान्यता देने के साथ-साथ उन्हें विश्वस्तरीय मानकों के अनुरूप नौकरी प्राप्त करने की संभावना भी प्रदान कर रही है। PM-Vikas के माध्यम से भारतीय कारीगरों को गर्व और मनोबल मिला है, जो उनके व्यक्तित्व और स्वाभिमान को मजबूत करने में मदद करेगा।

योजना की शुरुआत कैसे हुई?:

प्रधानमंत्री विश्वकर्मा कौशल सम्मान योजना की शुरुआत 15 अगस्त, 2023 को की गई थी। इस योजना का आयोजन केंद्र सरकार द्वारा नेशनल स्किल डेवलपमेंट कार्पोरेशन (NSDC) के माध्यम से किया गया है। PM-VIKAS योजना के तहत कारीगरों को ट्रेनिंग सेंटरों पर विशेष प्रशिक्षण दिया जाता है, जहां उन्हें विभिन्न कौशल सीखने का मौका मिलता है। यह नई रोशनी डालेगा भारतीय कारीगरों की जिंदगी में और उन्हें अच्छी नौकरियों की संभावनाएं प्रदान करेगा।

PM-VIKAS का उद्देश्य:

PM-VIKAS का मुख्य उद्देश्य प्रगतिशीलता, कौशलिक प्रवीणता, और नौकरी योग्यता विकसित करना है। यह योजना भारतीय कारीगरों को उच्चतर मानकों के साथ मजबूत करने के लिए उन्हें मान्यता और सम्मान प्रदान करके उनके क्षेत्र में उनकी क्षमता का समान्यता दर्जा देने के लिए संघर्ष कर रही है। इसके साथ ही, यह योजना भारतीय कारीगरों को अवसर प्रदान कर रही है ताकि वे बेहतर भविष्य की ओर बढ़ सकें।

PM-VIKAS के मुख्य लक्ष्य:

इस योजना का प्रमुख लक्ष्य भारतीय कारीगरों को योग्यता और कौशल के प्रमाण पत्र प्रदान करना है। उनकी योग्यता के मान्यता द्वारा, PM-VIKAS योजना उन्हें एक आदर्श और मान्य स्थान प्रदान करने का प्रयास करेगी, जिससे उन्हें अच्छी नौकरियों के लिए सुविधा मिलेगी। इसके साथ ही, यह योजना भारत सरकार के उद्देश्यों की ओर बढ़ने का एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसमें आदर्श एवं योग्यतापूर्ण कारीगरों का महत्वपूर्ण योगदान होगा।

इस प्रकार, प्रधानमंत्री विश्वकर्मा कौशल सम्मान (PM-VIKAS) योजना भारतीय कारीगरों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है, जो उन्हें गर्व और मनोबल प्रदान करेगा। यह योजना उनके कौशल और योग्यता को मान्यता देकर उन्हें खुदरा स्थिति से बाहर निकालकर उन्हें इंस्टिट्यूट और कौशल विकास केंद्रों में प्रशिक्षण दे रही है। PM-VIKAS के माध्यम से भारतीय कारीगरों को नवीनतम तकनीक और कौशलों का पता चलेगा, जिससे उन्हें उच्चतर मानकों पर रहने की संभावना मिलेगी। यह एक छोटी-से-छोटी नौकरी से लेकर बड़ी नौकरियों तक, सभी लोगों की सहायता करेगा और नए रोजगार के अवसर प्रदान करेगा। संक्षेप में, PM-Vikas योजना एक उद्यमी भारत का सपना है, जिसके माध्यम से भारतीय कारीगरों को गर्व और मनोबल मिलेगा।

पीएम-विकास योजना की विशेषताएं:

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कौशल विकास को महत्वपूर्ण रखते हुए प्रदेश की रोजगार स्थिति में सुधार करने के लिए पीएम-विकास योजना की शुरूआत की है। इस योजना का उद्देश्य विकासशील भारत की नींव को मजबूत करना है और गरीबों, महिलाओं, युवाओं, अपंग व्यक्तियों, खिलाड़ियों और बेरोज़गारों को कौशल विकास के माध्यम से रोजगार के अवसर प्रदान करना है।

  • विश्वकर्मा दिवस के रूप में योजना का शुभारंभ:

पीएम-विकास योजना की शुरुआत ने विश्वकर्मा दिवस के रूप में सम्पूर्ण देश में उत्थान और जोश का महौल संचारित किया। यह योजना 16 सितंबर, जो कि विश्वकर्मा दिवस है, को आयोजित की जाती है और नये भारत की नींव में कौशल और विकास के महत्वपूर्ण सिद्धांतों को समर्पित की जाती है।

  • अपंगता से निपटने के लिए कौशल विकास:

पीएम-विकास योजना अपंगता के साथ जूझ रहे व्यक्तियों को कौशल विकास के अवसर प्रदान करती है। अपंगता के कारण, ये लोग अपेक्षित रूप से काम नहीं कर पाते हैं। पीएम-विकास योजना उन्हें तकनीकी और कौशल विकास प्रशिक्षण का मौका देती है ताकि वे अपना आत्मविश्वास और स्वावलंबन बढ़ा सकें। यह उन्हें बराबर कौशल और योग्यता के आधार पर रोजगार और उन्नति के अवसर प्राप्त करने में मदद करती है।

  • क्षेत्रीय विकास के लिए निवेश के लिए कौशल विकास:

पीएम-विकास योजना का प्रमुख उद्देश्य देश के रोजगार क्षेत्रों में कौशल विकास और निवेश को प्रोत्साहित करना है। यह नौ स्टेट बैंक इंडिया के माध्यम से पंजीकृत प्रशिक्षण संस्थानों को आर्थिक आदान-प्रदान करके छात्रों को कौशल विकास के लिए प्रोत्साहित करती है। इसके साथ ही, इस योजना में गरीब और छोटे पूंजीशील उद्यमियों को वित्तीय सहायता मिलती है ताकि उन्हें अपने उद्यमों के विकास के लिए आवश्यक सामग्री एवं साधन प्राप्त करने में सहयोग मिल सके।

  • युवाओं के लिए रोजगार कौशल विकास:

पीएम-विकास योजना युवाओं को रोजगार कौशल विकास के माध्यम से आजीविका के अवसर प्रदान करती है। इसके तहत, स्कूल और कॉलेज छात्रों को कौशल विकास के रूप में प्रशिक्षण कार्यक्रम और स्कीमों की अद्यतन किया जाता है। ये स्कीमें उन्हें कामकाजी और आगे बढ़ने के लिए तैयार करती हैं, जिससे उन्हें राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर समर्पित रोजगार की संभावनाएं मिलें।

  • महिलाओं के लिए स्वावलंबन के लिए कौशल विकास:

पीएम-विकास योजना महिलाओं को स्वावलंबन के लिए कौशल विकास का मौका प्रदान करती है। यह योजना उन्हें उस अवसर के साथ पुरस्कार देती है जिससे वे अपने परिवार और समाज में आत्मनिर्भर बन सकें। महिलाओं के लिए कौशल विकास परियोजनाएं मुक्त उद्यमिता और आत्मविश्वास के विकास में मदद करती हैं और खुदरा व्यापार, कौशलिक प्रशिक्षण, बुनाई, बागवानी, खाद्य प्रसंस्करण, आदि जैसे क्षेत्रों में उन्हें अधिक समर्पित बनाती हैं।

  • बेरोजगारों के लिए कौशल विकास सक्षमता निर्माण:

पीएम-विकास योजना बेरोज़गारों को कौशल विकास के माध्यम से अपनी सक्षमता को बढ़ाने का मौका प्रदान करती है। इससे वे विभिन्न उद्योगों में रोजगार ड्यूटीज के लिए तायार हो सकते हैं और अपनी आत्मसमर्पण और प्रगति को बढ़ा सकते हैं। बेरोजगारों के लिए कौशल विकास सक्षमता निर्माण परियोजनाओं में व्यापारिक प्रशिक्षण, कामकाजी कौशल विकास, स्वदेशी समृद्धि योजना, उद्यमिता और नवाचार के साथ संप्रेषण कार्यक्रम शामिल होते हैं।

  • खिलाड़ियों के लिए कौशल विकास प्रोग्राम:

विश्व के मशहूर खिलाड़ियों को देखकर हमें यह मालूम होता है कि एक अच्छे खिलाड़ी बनने के लिए कठिनाइयों का सामना किया जाना चाहिए। सचमुच, कई बार यह कहा जाता है कि सफलता का एक महत्वपूर्ण तत्व उज्ज्वल किस्मत है, लेकिन वास्तविकता में, खिलाड़ी अपनी कठोर मेहनत, समर्पण, तपस्या और सहनशक्ति की मिसाल होते हैं।

खिलाड़ियों के लिए कौशल विकास प्रोग्राम इसी मंत्र को प्रमाणित करता है। यह योजना मनोबलपूर्ण खिलाड़ियों को संकार करने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है। यह कारीगरों के लिए विभिन्न क्षेत्रों में प्रशिक्षण, उनकी क्षमताओं का विकास, रोजगार के अवसर, बेहतर जीवन की गारंटी और सामरिक क्षमता में सुधार का संकेत है।

इस प्रोग्राम के अंतर्गत कई युवा खिलाड़ी प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं और उन्हें प्रोफेशनल खिलाड़ी बनने का सामर्थ्य मिल रहा है। इसके अलावा, प्रोग्राम के द्वारा कारीगरों को सरकारी और गैर-सरकारी संस्थानों में रोजगार प्राप्त करने की सुविधा दी जा रही है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है।

यह प्रोग्राम सामरिक क्षेत्र में भी बदलाव ला रहा है। खिलाड़ियों की सामरिक क्षमता और प्रदर्शन क्षमता में सुधार के कारण, भारतीय खिलाड़ी अपनी सरकार के लिए गर्व के साथ खेलने का मौका पा रहे हैं। उन्हें विभिन्न खेल के क्षेत्र में दूसरे देशों के खिलाड़ियों के साथ मुकाबला करने का और विश्व क्षेत्र में अपने नाम की रोशनी बढ़ाने का अवसर मिल रहा है।

  • प्रदेशों को कौशल विकास के लिए वित्तीय सहायता:

प्रदेशों को कौशल विकास के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करना PM-VIKAS योजना का एक महत्वपूर्ण पहलू है। इस योजना के तहत, प्रदेश सरकारों को विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों और कौशल विकास परियोजनाओं के लिए आर्थिक सहायता प्राप्त होती है। इससे प्रदेशों को स्वतंत्रता मिलती है कि वे अपने क्षेत्र में कौशल विकास के लिए विभिन्न योजनाओं और पहलों को कार्यान्वित करें।

वित्तीय सहायता के माध्यम से प्रदेश सरकारें स्थानीय समुदायों को उनकी आवश्यकताओं और उनके क्षेत्र के विकास के लिए महत्वपूर्ण पहलों को प्राथमिकता देती हैं। इसके अलावा, इस वित्तीय समर्थन के माध्यम से प्रदेश सरकारें अपने क्षेत्रीय कारीगरों को उच्च गुणवत्ता वाले प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भाग लेने की सुविधा प्रदान करती हैं, इससे उनकी नौकरी योग्यता में वृद्धि होती है।

इन सभी पहलों के परिणामस्वरूप, हमारे देश के प्रदेशों की अर्थव्यवस्था मजबूत हो रही है और विकास की राह पर टेक रही है। यह योजना भारतीय कारीगरों को गर्व और मनोबल प्रदान करती है और उनकी क्षमता और योग्यता में सुधार कर उन्हें गरिमामय रोजगार के अवसर प्रदान करती है। इससे समाज में समानता, सकारात्मकता, और विकास की भावना प्रबल होती है।

PM-VIKAS योजना एक ऐसी पहल है जो हमारे देश के कारीगरों को उनके कौशल और योग्यताओं का सम्मान करती है। इसके माध्यम से लाखों युवा खिलाड़ियों को अवसर मिल रहे हैं अपने सपनों को पूरा करने का और एक उच्च गुणवत्ता वाले जीवन का आनंद उठाने का। यह योजना एक बड़ी प्रगति के प्रतीक है और हमारे देश की मान्यता को बढ़ाती है।

इस योजना के द्वारा हमारे खिलाड़ी अपने नाम का गर्व महसूस कर रहे हैं और आगे बढ़ने के लिए प्रबल प्रेरणा प्राप्त कर रहे हैं। इससे हमारी साम्राज्यवादी अवधारणा और इंस्टीट्यूशनलाइज्ड नकलीबाजी को दूर करने का प्रयास हुआ है और एक सामरिक मानसिकता प्रशस्त की जा रही है।

PM-VIKAS: भारतीय कारीगरों को मिला गर्व और मनोबल!

आखिर में, PM-VIKAS योजना न केवल भारतीय कारीगरों को उनके सपनों की प्राप्ति का अवसर प्रदान करती है, बल्कि भारतीय खिलाड़ियों की महत्वपूर्ण योग्यता और सामरिक क्षमता को भी पहचानती है। यह एक सामरिक क्षेत्र की मान्यता को बढ़ाने का प्रमुख कदम है, जो हमारे देश की मेधा और प्रातीशासिक प्रतिष्ठा को सुनिश्चित करता है। इसे एक प्रगतिशील बढ़ती राष्ट्रीयता के पीछे एक बड़ा आधार माना जा सकता है जो हमारे देश को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता देता है।

इसलिए, प्रधानमंत्री विश्वकर्मा कौशल सम्मान (PM-VIKAS) योजना ने खिलाड़ियों के साथ साम्राज्यवादी सोच को प्रभावी ढंग से संक्षेपित किया है

योजना का नाम पीएम विश्वकर्मा कौशल सम्मान योजना 2023
योजना अंतर्गत भारत सरकार
कब घोषणा हुईबजट 2023-24 के दौरान
कब लांच हुईमार्च, 2023 में
उद्देश्यविश्वकर्मा समुदाय के लोगों को ट्रेनिंग और फंड देना
लाभार्थीविश्वकर्मा समुदाय के अंतर्गत आने वाली जातियां
योजना की अधिकृत वेबसाइटwww.pmvishwakarma.gov.in
टोल फ्री नंबरजल्द सेवा में होगा

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PM-VIKAS योजना के लाभ

  • एक अद्यतन के रूप में भारत सरकार ने Pradhan Mantri Vishwakarma Kaushal Samman (PM-VIKAS) योजना शुरू की है, जो देश के कारीगरों को विशेष प्रशिक्षण और रोजगार के लिए समर्पित है।
  • यह योजना कारीगरों को मनोबल, आत्मविश्वास, और स्वावलंबन की भावना प्रदान करती है, जो उन्हें आगे बढ़ने के लिए महत्वपूर्ण है।
  • इस योजना से कारीगरों को अद्यतित प्रशिक्षण तक पहुंच प्राप्त होगी जो उन्हें उच्च व्यावसायिक समृद्धि और सशक्तिकरण की दिशा में अग्रसर करेगा।
  • PM-VIKAS योजना की मदद से कारीगर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजार में अधिक रोजगार के अवसर पा सकेंगे।

PM-VIKAS योजना का लाभ किसको मिलेगा?

  • PM-VIKAS योजना का लाभ सभी भारतीय कारीगरों को मिलेगा जो उच्च और तकनीकी प्रशिक्षण प्राप्त करना चाहते हैं।
  • इस योजना में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग, महिलाओं, और अल्पसंख्यक समुदायों को विशेष मायाबुद्धि दी जाएगी, जिससे उन्हें रोजगार के लिए अधिक अवसर मिलेंगे।
  • इसके अलावा, दिव्यांगजन और युवा को भी इस योजना के अंतर्गत प्रशिक्षण और स्किल विकास की सुविधा मिलेगी।

PM-VIKAS योजना के पात्रता मापदंड?

  • PM-VIKAS योजना के लिए पात्रता प्राप्त करने के लिए, आवेदक को भारतीय नागरिकता होनी चाहिए।
  • वह शिक्षा की किसी नौकरी, या उद्योग परिसर में कार्यरत होने वाले व्यक्ति हो सकता है।
  • आवेदक को आवश्यक योग्यता या प्राधिकार का प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा, जो प्रशिक्षण के लिए अत्यावश्यक होगा।

PM-VIKAS योजना की आवेदन प्रक्रिया?

  • PM-VIKAS योजना के तहत आवेदन करने के लिए आपको आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा।
  • आपको निर्दिष्ट फॉर्म को भरना होगा और आवश्यक दस्तावेजों को संलग्न करना होगा।
  • उम्मीदवार का चयन योजना के निर्दिष्ट मानदंडों के आधार पर होगा।
  • आवेदक को सभी आवश्यक जानकारी प्रदान करनी होगी और प्रमाण पत्रों की मान्यता सत्यापित करनी होगी।

PM-VIKAS योजना के लिए जरुरी दस्तावेज ?

  • PM-VIKAS योजना के लिए आवेदन करते समय आपको निम्नलिखित दस्तावेजों की जरूरत होगी:
    • आधार कार्ड की प्रमाणित प्रति
    • शिक्षा से संबंधित सभी प्रमाण पत्र
    • अनुभव प्रमाण पत्र
    • जन्मतिथि से संबंधित प्रमाण पत्र
    • केवल अल्पसंख्यक समुदाय के लिए: जाति प्रमाण पत्र
    • दिव्यांगजनों के लिए: दिव्यांगता प्रमाण पत्र

PM-VIKAS योजना उम्र सीमा क्या है?

  • PM-VIKAS योजना के तहत पात्रता के लिए आवेदक की उम्र 18 से 35 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
  • यह उम्र सीमा विभिन्न सुविधाओं के तहत अधिकृत किया जा सकता है।

प्रशिक्षण के माध्यम से सरकारी नौकरियां

  • PM-VIKAS योजना के अंतर्गत, प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले कारीगर सरकारी नौकरियों के लिए पात्र हो सकते हैं।
  • उन्हें एक उच्च स्तरीय प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा जो उन्हें सरकारी संगठनों में रोजगार के लिए तैयार करेगा।
  • यह प्रशिक्षण उनके कौशल और प्रोफेशनल विकास को बढ़ावा देगा और उन्हें विभिन्न क्षेत्रों में स्वयंसेवी बनाएगा।

पीएम-वीकास के अंतर्गत प्रशिक्षण के लाभ

  • PM-VIKAS योजना के अंतर्गत प्रशिक्षण प्राप्त करने के कई लाभ हैं।
  • पहले, यह प्रशिक्षण के लिए सरकारी वित्तीय सहायता प्रदान करता है, जिसे आपको प्रशिक्षण फीस, सामग्री और संसाधनों के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं।
  • दूसरे, यह प्रशिक्षण प्रदान करके आपके कौशल और योग्यता को मजबूती देता है, जो आपको और अधिक मौके प्राप्त करने में सहायता करेगा।
  • तीसरे, इस प्रशिक्षण के द्वारा आपको व्यावसायिक नेटवर्क के साथ जोड़ा जाएगा, जिससे आपको बाजार में रोजगार के अवसरों के बारे में सूचना मिलेगी।
  • चौथे, यह प्रशिक्षण आपकी स्वावलंबन भावना और स्थायित्व को बढ़ावा देगा, जो आपके ग्राहकों और व्यापार में सुविधा प्रदान करेगा।

सरकारी नौकरियां के लिए प्रमाणीकरण प्रक्रिया

सरकारी नौकरियां बहुत से लोगों के लिए सपनों की पूर्ति होती हैं। यह उनके लिए एक स्थिरता का संकेत होती है, जहां वे अपनी कार्य क्षमता और योग्यता का प्रमाण दे सकते हैं। प्रमाणीकरण प्रक्रिया अत्यंत महत्वपूर्ण होती है, क्योंकि यह सरकारी नौकरियों के लिए आवेदकों की योग्यता एवं संभावित शौखिन्य का विश्लेषण करती है। भारतीय सरकार ने प्रधानमंत्री विश्वकर्मा कौशल सम्मान (पीएम-विकास) के माध्यम से इस प्रमाणीकरण प्रक्रिया को और अधिक सुलभ और प्रभावी बनाया है।

पीएम-विकास में सरकारी नौकरियां के लिए प्रमाणीकरण प्रक्रिया में कई कदम होते हैं। इस प्रक्रिया के अंतर्गत, आवेदकों को अपने शौक, कबिलियत और योग्यता के बारे में जानकारी प्रदान करनी होती है। आवेदकों को इस प्रमाणीकरण के लिए अपनी योग्यता एवं शौखिन्य को सही ढंग से प्रस्तुत करना पड़ता है।

  • प्रशिक्षण केंद्रों द्वारा आवेदनों का संगठन किया जाता है
    • आवेदनकर्ताओं की सूची तैयार की जाती है
  • चयन आधार के आधार पर किया जाता है और उन्हें प्रमाणीकरण प्रपत्रों के लिए चयनित किया जाता है।

प्रमाणीकरण प्रक्रिया में केंद्रीय स्तर पर इंटरनेट आधारित व्यवस्था का उपयोग किया जाता है। इस व्यवस्था के माध्यम से, आवेदक अपनी अपनी वेबसाइट पर जाकर आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं और अपनी कार्यक्षमता पर नजर रख सकते हैं। इसके अलावा, यह व्यवस्था सरकारी नौकरी प्राप्त करने के लिए आवेदनकर्ताओं को अधिक संघटित बनाती है और उनके बीच सतर्कता के स्तर को बढ़ाती है। प्रधानमंत्री विश्वकर्मा कौशल सम्मान ने सरकारी नौकरी प्राप्त करने की प्रक्रिया में योग्यता और प्रतिष्ठा को बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

समर्पित प्रशिक्षण संस्थानों की भूमिका

सरकारी नौकरियों के लिए प्रमाणीकरण कार्यक्रम प्रशिक्षण संस्थानों के माध्यम से अवलंबित होता है। प्रशिक्षण संस्थानों का महत्वपूर्ण योगदान सरकारी नौकरियां प्राप्त करने की प्रक्रिया में बना रहता है। ये संस्थान आवेदनकर्ताओं को अनुशासित प्रशिक्षण देने के लिए विशेष ढंग से तैयारी करते हैं।

प्रधानमंत्री विश्वकर्मा कौशल सम्मान का लक्ष्य प्रमाणीकरण प्रक्रिया के माध्यम से योग्यता अर्जित करने वाले आवेदनकर्ताओं को प्रमाणित करना है। इसके लिए, सरकारी प्रशिक्षण संस्थानों की संख्या बढ़ाई जाती है ताकि अधिक से अधिक लोगों को उच्च गुणवत्ता वाले प्रशिक्षण पाने का मौका मिल सके। यह संस्थान विशेष छात्रावास और मूल्यांकन की सुविधाएं भी प्रदान करते हैं जो आवेदकों के लिए आरामदायक और शव्दस्तिष्ठ साबित होती हैं।

PM-VIKAS के मुख्य शाखाएं

औद्योगिक प्रशिक्षण शाखा

औद्योगिक प्रशिक्षण शाखा PM-VIKAS का पहला महत्त्वपूर्ण खंड है। यह शाखा कारीगरों को उच्चतम स्तर के तकनीकी प्रशिक्षण के माध्यम से सशक्त और कुशल बनाने का लक्ष्य रखती है। इस शाखा के अंतर्गत, विभिन्न उद्योगों के लिए प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किए जाएंगे जहां कारीगर नवीनतम तकनीकों, विकासों और कार्य प्रणालियों के बारे में सीख सकेंगे।

सामाजिक उद्यमिता शाखा

सामाजिक उद्यमिता शाखा PM-VIKAS की दूसरी महत्वपूर्ण शाखा है। इसका उद्देश्य है कारीगरों को आपातकालीन, सामाजिक और आर्थिक परिस्थितियों में स्वायत्तता और उद्यमिता की भावना का विकास करना। यह शाखा आपातकालीन समय में बेरोजगारी के जरिए स्वदेशी उद्यमों को समर्थन प्रदान करती है। इसके अलावा, सामाजिक उद्यमिता शाखा कारीगरों को उद्यमिता की क्षमता विकसित करने के लिए विभिन्न योजनाओं और उपायों का भी प्रसार करेगी।

नगरीय विकास शाखा

नगरीय विकास शाखा PM-VIKAS की तीसरी महत्त्वपूर्ण शाखा है। यह शाखा नगरीय क्षेत्रों में कारीगरों के विकास के लिए प्रदान की जाती है। इस शाखा के तहत, विभिन्न नगरीय क्षेत्रों में प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किए जाएंगे जहां कारीगर नहीं सिर्फ हाथ-मुँह से काम करना सीखेंगे, बल्कि उन्हें बाजार की आवश्यकताओं के अनुरूप नए विकासशील उत्पादों और सेवाओं के बारे में बाजारी अनुसंधान भी कराया जाएगा।

PM-VIKAS की महत्त्वपूर्ण गतिविधियां

प्रदेशों में प्रशिक्षण केंद्रों की स्थापना

PM-VIKAS की एक महत्त्वपूर्ण गतिविधि है प्रदेशों में प्रशिक्षण केंद्रों की स्थापना करना। यह गतिविधि सामुदायिक क्षेत्रों को तकनीकी और व्यापारिक क्षेत्र में स्वतंत्रता और स्वावलंबन के अवसर प्रदान करेगी। प्रदेशों में प्रशिक्षण केंद्रों के स्थापना के लिए मानदंड, बाजार के आवश्यकताओं, और कारीगरों के योग्यता मानदंडों का ध्यान रखा जाएगा।

योग्यता मानदंडों के माध्यम से निर्माण कार्यक्रम चुनना

एक और महत्त्वपूर्ण गतिविधि है योग्यता मानदंडों के माध्यम से निर्माण कार्यक्रम चुनना। PM-VIKAS के तहत, योग्यता मानदंडों से संबंधित व्यापारिक और औद्योगिक प्रशिक्षण कार्यक्रमों की योजनाबद्धता की जाएगी। इसका मकसद यह है कि कारीगरों को उनकी क्षमताओं के आधार पर उच्चतम स्तर के प्रशिक्षण की सुविधा मिले और उन्हें आगामी समय में उच्चतम मानकों पर नियोजन करने का जीवनशैली दिया जा सके।

योजना के वेबपोर्टल की शुरुआत

PM-VIKAS की एक और महत्त्वपूर्ण गतिविधि है योजना के वेबपोर्टल की शुरुआत करना। यह वेबपोर्टल कारीगरों को इस योजना के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान करेगा और उन्हें पंचायती राज, नगरीय स्तर, और प्रदेश स्तर पर पंजीकृत करने का उचित मार्गदर्शन प्रदान करेगा। इससे कारीगरों को योजना के लाभों, आवेदन प्रक्रिया की संभावित तिथियों और आवश्यक दस्तावेजों के बारे में जानकारी सही और सुविधाजनक तरीके से मिलेगी।

प्रशिक्षण को अनुभव से आत्मस्थापित करने की गतिविधियां

अंतिम गतिविधि है प्रशिक्षण को अनुभव से आत्मस्थापित करने की गतिविधियां। PM-VIKAS के तहत, प्रोजेक्ट्स ऑफ नेशनल इम्पोर्टेंस के द्वारा कारीगरों को मान्यता प्राप्त प्रशिक्षण प्राधिकरणों में दस्ती से नियुक्ति प्रदान की जाएगी। यह सुनिश्चित करेगा कि कारीगरों को अपने क्षेत्र में संपूर्ण अनुभव प्राप्त हो जाए और वे भविष्य में अधिक स्वतंत्रता के साथ अपने करियर को आगे बढ़ा सकें।

पीएम-वीकास: योजना के तहत विभिन्न क्षेत्रों में काम करना

  • PM-VIKAS योजना भारत सरकार द्वारा चलाई जा रही है, जो कारीगरों को उनके क्षेत्र में कौशल विकास का अवसर प्रदान करती है।
  • इस योजना के तहत, विभिन्न क्षेत्रों में काम करने का मौका मिल रहा है, जैसे कि उद्योग, निर्माण, हाउसिंग, आदि।
  • यह योजना ट्रेनिंग केंद्रों के माध्यम से काम कर रही है, जहां कारीगरों को नवीनतम कौशलों का प्रशिक्षण दिया जाता है।

बांटवारा कार्यक्रम: किस तरह प्रशिक्षण केंद्रों के बीच गतिविधियों को विहित किया गया है?

  • PM-VIKAS योजना के तहत, बांटवारा कार्यक्रम की शुरुआत की गई है।
  • इस कार्यक्रम में, प्रशिक्षण केंद्रों के बीच गतिविधियों को विहित किया गया है, जो कारीगरों को विभिन्न क्षेत्रों में काम करने का मौका प्रदान करते हैं।
  • इसके माध्यम से, कारीगरों को अधिक विकासहीन क्षेत्रों में भी काम करने का अवसर मिल रहा है।

रोजगार कार्यक्रम: विकसित उद्यमों की स्थापना में कौनसी मदद दी जा रही है?

  • PM-VIKAS योजना का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है रोजगार कार्यक्रम।
  • इस कार्यक्रम के तहत, विकसित उद्यमों की स्थापना में कारीगरों को मदद दी जा रही है।
  • इन उद्यमों को स्थापित करने में वित्तीय सहायता, कौशल प्रशिक्षण, और तकनीकी सहायता जैसी सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं।
  • इसका उद्देश्य है कि यह रोजगार कार्यक्रम कारीगरों को स्वरोजगार के अवसर प्रदान करेगा और उन्हें आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनाएगा।

स्व-रोजगार योजना: कैसे यह योजना नुकसानग्रस्त युवाओं की सहायता कर रही है?

  • स्व-रोजगार योजना PM-VIKAS के तहत चलाई जा रही है और यह नुकसानग्रस्त युवाओं की सहायता कर रही है।
  • इसके द्वारा, युवाओं को कार्यकर्ता परियोजनाओं में सहयोग का मौका मिलता है, जिससे वे स्वरोजगार के माध्यम से आर्थिक रूप से स्वतंत्र बन पाते हैं।
  • इस योजना का उद्देश्य है कि नुकसानग्रस्त युवाओं को नया जीवन दिया जाए और उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत किया जाए।

मुख्य उद्यम पार्टनर

इस कार्यक्रम के मुख्य उद्यम पार्टनर कौन हैं?

  • PM-VIKAS योजना के तहत कई मुख्य उद्यम पार्टनर हैं, जो इस योजना को सफल बनाने में सहायता कर रहे हैं।
  • इनमे से कुछ मुख्य पार्टनरों में क्षेत्रीय सरकारें, उद्योगसंघ, और प्रशिक्षण केंद्रों के संगठन शामिल हैं।

इन पार्टनर का स्रोत क्या है?

  • ये मुख्य उद्यम पार्टनर भारत सरकार द्वारा नियुक्त किये जाते हैं और इनके स्रोत कार्यक्रम की योजना और नीति में स्थानांतरित किए गए हैं।

PM-VIKAS के तहत प्रोजेक्ट्स की सूची

PM-VIKAS का कौन सा तहत प्रोजेक्ट्स शामिल हैं?

  • PM-VIKAS के तहत कई प्रोजेक्ट्स शामिल हैं, जो कारीगरों को विभिन्न क्षेत्रों में काम करने का मौका प्रदान करते हैं।
  • इन प्रोजेक्ट्स में निर्माण कार्य, यातायात, अस्थायी और स्थायी आवास, इंटरनेट सेवा, इलेक्ट्रॉनिक्स, और स्वतंत्र व्यापार जैसे क्षेत्र शामिल हैं।

इन प्रोजेक्ट्स के बारे में जानकारी

  • इन प्रोजेक्ट्स के तहत, कारीगरों को विभिन्न क्षेत्रों में काम करने का मौका मिलता है और उन्हें समर्पित और मजबूत बनाने में मदद मिलती है।
  • इन प्रोजेक्ट्स में खाद्य प्रसंस्करण, कपड़ा उत्पादन, सूर्यविद्युत उत्पादन, बांटवारा सेवाएं, और वित्तीय सेवाएं जैसे विभिन्न कार्यक्रम शामिल हैं।

PM-VIKAS के प्रमोटर्स

कार्यक्रम के प्रमोटर्स कौन कौन हैं?

  • PM-VIKAS योजना के तहत कई प्रमोटर्स हैं जो इसके सफल्ता में मदद कर रहे हैं।
  • इसमें से कुछ प्रमुख प्रमोटर भारत सरकार, निजी क्षेत्र के उद्योग संघ, बैंक, और विभिन्न अधिकारी शामिल हैं।

इन प्रमोटर्स का काम क्या है?

भारतीय कारीगरों को समृद्ध बनाने के लिए, प्रधानमंत्री विश्वकर्मा कौशल सम्मान (पीएम-विकास) योजना के माध्यम से कार्यकर्ताओं को प्रोत्साहित करने का काम किया जाता है। इस योजना के प्रमोटरों का महत्वपूर्ण कार्य है कि वह इसके लक्ष्य और माध्यमों को जनता के सामने जाता रहें, साथ ही कार्यकर्ताओं को इस योजना से जुड़ने के लिए प्रेरित करें।

पीएम-विकास कार्यक्रम का प्रभाव

प्रधानमंत्री विश्वकर्मा कौशल सम्मान (पीएम-विकास) के द्वारा कार्यरत कारीगरों को महत्वपूर्ण लाभ मिलता है। इसका प्रभाव विभिन्न प्रकार से दिखाई देता है। दूसरी योजनाओं के साथ तुलना में, इसका प्रभाव अधिक दृढ़ है और इसमें नये तत्व शामिल हैं जो कारीगरों को कौशल विकास की दिशा में प्रेरित करते हैं।

कार्यक्रम का क्या प्रभाव होगा?

प्रधानमंत्री विश्वकर्मा कौशल सम्मान (पीएम-विकास) कार्यक्रम का होने वाला प्रभाव कई बातों पर होगा। पहले तो, इसका प्रभाव कारीगरों के जीवन पर होगा जो उन्हें नये कौशल और विकास के लिए प्रोत्साहित करेगा। दूसरे, इसका प्रभाव देश की आर्थिक सबस्थिति पर भी होगा क्योंकि कारीगरों को ऊर्जावान और नवीनीकृत करके वे अपनी योग्यता और मूल्यता को बढ़ा सकेंगे।

किस प्रमाण में इसका प्रभाव पहले से दिखाई दे रहा है?

प्रधानमंत्री विश्वकर्मा कौशल सम्मान (पीएम-विकास) कार्यक्रम के पहले चरण के बाद ही, इसका प्रभाव पहले से ही दिखाई दे रहा है। कई कारीगरों ने इस योजना का उच्चारण किया है और बताया है कि इसके माध्यम से उन्हें नये कौशल के आधार पर रोजगार के अवसर मिले हैं। ये सकारात्मक प्रतिक्रियाएँ साफ़ करती हैं कि प्रधानमंत्री विश्वकर्मा कौशल सम्मान (पीएम-विकास) कार्यक्रम का पहला चरण बहुत सफल रहा है।

सफलताएँ व आगामी योजनाएं

आधारभूत रूप से, कई योजनाएं पहले से ही सफल रह चुकी हैं और कुछ आगामी योजनाओं की जानकारी प्राप्त की जा सकती है। इनमें से कुछ योजनाएं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी मान्यता प्राप्त कर चुकी हैं और उनसे प्राप्त डेटा इसे साबित करता है कि प्रधानमंत्री विश्वकर्मा कौशल सम्मान (पीएम-विकास) कार्यक्रम आगे भी सफलतापूर्वक बढ़ाया जा सकता है।

पहलें से ही कौन सी योजनाएं सफल रही हैं?

  • रोजगार स्थिरीकरण कार्यक्रम
    • योग्यता स्तर के बदलाव
    • नवीनीकरण योग्यता प्रमाणित करने के लिए
  • स्वतंत्रता सेनानियों के लिए उच्चतर योग्यता
    • उच्चतर योग्यता के लिए प्रशिक्षण की व्यवस्था
    • सेनानियों का विकास और प्रोत्साहन
  • महिलाओं के लिए कौशल विकास
    • महिलाओं के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम
    • सामाजिक और आर्थिक आधारभूत अनुदान
  • ग्रामीण क्षेत्रों में कौशल विकास
    • सम्पूरक कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम
    • ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार संभावनाएं

आगामी योजनाओं की जानकारी

कई आगामी योजनाएं प्रधानमंत्री विश्वकर्मा कौशल सम्मान (पीएम-विकास) कार्यक्रम में शामिल होने जा रही हैं। इनमें से कुछ मुख्य योजनाएं हैं:

  • युवा स्वरोजगार योजना
    • कौशल विकास और उद्यमिता को प्रोत्साहित करना
    • सम्पूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रमों की योग्यता
  • प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना
    • कौशल प्रमाणपत्र प्राप्त करने के बाद रोजगार संभावनाएं
    • प्रशिक्षण की व्यापक और उच्चतम गुणवत्ता
  • आधुनिकणीकरण की योजना
    • नवीनीकृत कौशल और तकनीकों की व्यापक प्रशिक्षण
    • बढ़ती आधुनिकणीकरण में भागीदारी की क्षमता

इसे बढ़ाने के लिए कौन से कदम उठाए जा रहे हैं?

भारत एक विश्वस्तरीय आयोजन, प्रधानमंत्री विश्वाकर्मा कौशल सम्मान (पीएम-विकास) की ओर बढ़ रहा है। इस पहल का मकसद भारत के शिक्षित और कुशल तकनीशियनों की अभियानरत मान्यता और सम्मान करना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के इस घोषणा से आजादी सेनानियों की याद ताजगी से बरकरार रहेगी क्योंकि ये एक नई योजना है जो देश के उद्यमी मनोबल को बढ़ावा देगी। इस योजना के चलते हमारे युवाओं का कौशल विकास बढ़ेगा और वे भी देश की प्रगति में योगदान देंगे।

उद्देश्य

  • इस योजना का मुख्य उद्देश्य है भारत में तकनीकी शिक्षित कारीगरों की संख्या बढ़ाना और उनके सामरिक कौशल को मजबूत करना।
  • यह योजना भारत को विश्व में कुशल मजदूरों के रूप में पहचानने के लिए है।

संपर्क जानकारी

  • योजना का नाम: Pradhan Mantri Vishwakarma Kaushal Samman
  • संपर्क व्यक्ति: Ministry of Micro, Small and Medium Enterprises
  • ईमेल:  champions@gov.in
  • फोन:  011-23061574
  • टोल फ्री नम्बर – Coming Soon.

योजना के मुख्य तत्व

  1. प्रशिक्षुओं की चुनौती भरी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए योग्यता मानकों की स्थापना की जाएगी।
    • यह स्टैंडर्ड्स की समीक्षा और संशोधन के साथ स्वरूपांतरण का काम करेगा।
    • इसमें काम की मान्यता प्रदान करने के लिए प्रामाणिकता निर्धारित की जाएगी।
  2. एक प्रशिक्षु के कौशल मानकों के अनुसार आइडेंटिफाई करने की व्यवस्था होगी।
    • इससे संदर्भ नगर, विश्वविद्यालय, या अन्य संबंधित प्रशासनिक संगठनों में प्रमाणपत्र मिलेगा।
  3. व्यक्तिगत और संघीय कौशल सूचकांकों के शास्त्रीय विश्लेषण की प्राथमिकता होती है।
    • इससे कोर्स विकसित करने, प्रशिक्षण कार्यक्रमों को सुधारने और योग्यता में सुधार करने में मदद मिलेगी।
  4. अधिकांश प्रशासनिक भर्ती योजनाओं के लिए विकसित किया गया ऑनलाइन प्रत्यायन प्रक्रिया चलाया जाएगा।
    • इससे ऐप्लिकेंट्स के लिए आवेदन प्रोसेस सरल होगा और समय बचेगा।

इस प्रयास के परिणामस्वरूप, विश्वाकर्मा सम्मान (पीएम-विकास) के तहत कारीगरों को सम्मानित किया जायेगा जिन्होंने उद्यमिता में अपनी योगदान देने की संकल्पना की है। यह एक समर्पितता के चिन्ह होगा और देश के कारीगरों को सामंजस्य के माध्यम से एकजुट करने और समर्थ बनाने का प्रयास है।

  • इस योजना के बारे में जानकारी और देशवासियों में जागरूकता बढ़ाने के लिए यह जरूरी है कि इसके बारे में अधिक से अधिक लोग जानें।
  • आगे बढ़कर, यह योजना विश्वाकर्मा समूह को क्षमताओं का निर्माण करने, समृद्धि को बढ़ाने, तकनीकी उन्नति में सकारात्मक परिवर्तनों को प्रोत्साहित करने, नए स्वरूपांतरण विचारों को उत्पन्न करने और भारत की उत्पादकता वृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने में मदद करेगी।

आगे बढ़ते हुए, हमें इस योजना का जोरपूर लाभ उठाना चाहिए और लोगों को जिम्मेदारी और सम्मान की भावना के साथ इसमें सहभागी बनने के लिए प्रेरित करना चाहिए। यह एक सामरिक मानसिकता और उद्यमिता की वातावरण का निर्माण करेगी, जिससे हमारे कारीगरों को सामरिक कौशलों को सुधारकर विश्व स्तरीय मानकों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।

समृद्ध और स्वरोजगार केंद्रित भारत का बनने के पथ पर हमारे उद्यमी कारीगरों को समर्थ और संकल्पबद्ध रखने के लिए प्रधानमंत्री विश्वाकर्मा कौशल सम्मान एक महत्वपूर्ण कदम है!

आपूर्ति श्रृंखला

प्रधानमंत्री विश्वकर्मा कौशल सम्मान (पीएम-विकास) कार्यक्रम की आपूर्ति श्रृंखला काफी व्यापक है। इसमें न सिर्फ महिलाओं के लिए योजनाएं हैं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों और सेनानियों के भी विशेष योग्यता और विकास योजनाएं शामिल हैं।

कार्यक्रम की आपूर्ति श्रृंखला कैसे है?

  • ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यक्रम श्रृंखला
    • क्षेत्रीय स्तर पर कौशल विकास योजनाएं
    • ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर
  • युवा स्वरोजगार कार्यक्रम
    • युवाओं के लिए कौशल प्रशिक्षण योजनाएं
    • उद्यमिता को प्रोत्साहित करके रोजगार साधना
  • सेनानियों के लिए प्रोग्राम
    • उच्चतर योग्यता के लिए प्रशिक्षण
    • सेनानियों के विकास के लिए प्रोत्साहन

प्रमुख प्रश्न :

पीएम-विकास एक महत्वपूर्ण कौशल विकास योजना है जो भारतीय कारीगरों को अद्यतित और उनके क्षेत्र में कुशलता प्राप्त करने के लिए मदद प्रदान करती है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य भारतीय कारीगरों को विशेष कौशलिक प्रशिक्षण और समर्पितता के माध्यम से उनके क्षेत्र में रोजगार की अवसर सृजन करना है। इस योजना के तहत विकसित किया गया कार्यक्रम न तो सिर्फ कामकाजी निर्माण उद्यमों को समर्थन कर रहा है, बल्कि इसने बच्चों को विज्ञान, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग आदि क्षेत्रों में प्रोत्साहन भी प्रदान किया है।

पीएम-विकास योजना के अंतर्गत, कर्मचारियों को कौशल विकास के लिए विभिन्न समर्थन प्रोग्राम उपलब्ध हैं। इन प्रोग्राम के माध्यम से, कर्मचारी नवीनतम कौशलों और तकनीकों का अध्ययन कर सकते हैं और अपने क्षेत्र में बेहतर कौशल सेट विकसित कर सकते हैं। इससे कर्मचारियों के करियर को एक उच्चतर स्तर पर ले जाने का मौका मिलता है और उन्हें बढ़ती हुई मांग के लिए तैयार करता है।

पीएम-विकास योजना के लिए आवेदन करने के लिए व्यक्ति को आवेदन पत्र भरकर आवेदन करना होता है। यह आवेदन पत्र विभिन्न सरकारी वेबसाइटों, आवेदन केंद्रों और बैंकों में उपलब्ध होता है। यहां उम्मीदवार अपनी आवश्यक जानकारी प्रदान करते हैं और अपने व्यक्तिगत विवरणों, शैक्षिक योग्यता और पूर्व अनुभव के विवरण देने के बाद उन्हें योजना के तहत योग्यता मिलती है।

पीएम-विकास की योजना के लिए सरकार ने भारी मात्रा में बजट आवंटित किया है। यह बजट सभी प्रदेशों में कौशल विकास को संचालित करने के लिए उपयोग होता है। इस साल के बजट प्रावधान में, पीएम-विकास को 5000 करोड़ रुपये की राशि दी गई है जिससे भारतीय कारीगरों को इसकी अधिक सुविधा मिल सके और उनके प्रशिक्षण के लिए उपयुक्त संसाधन उपलब्ध हो सके।

पीएम-विकास के तहत वर्ष 2021 तक कई परियोजनाएं संचालित हो चुकी हैं। उनमें रोजगार ग्राम के रूप में 492 प्रशिक्षण केंद्रों की स्थापना की जा चुकी है जिनमें से कई केंद्र ग्रामीण क्षेत्रों में स्थापित किए गए हैं। इन परियोजनाओं के माध्यम से लाखों युवाओं को विभिन्न क्षेत्रों में प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर मिल रहे हैं।

PM-VIKAS योजना के लिए किसी भी भारतीय कारीगर या उम्मीदवार योग्य हो सकता है जो 18 वर्ष से अधिक आयु का हो। यह योजना उन लोगों के लिए महत्वपूर्ण है जो अपने नौकरी के क्षेत्र में अग्रणी बनना चाहते हैं और अपनी कौशलता को विकसित कर नए उच्चतम मानकों तक पहुंचना चाहते हैं।

PM-VIKAS योजना के अंतर्गत, विभिन्न क्षेत्रों में प्रशिक्षण उपलब्ध है। कुशल श्रमिकों की मांग को ध्यान में रखते हुए, यहां निम्नलिखित क्षेत्रों में प्रशिक्षण उपलब्ध है:

  • फिरोज़ाबादी कारीगरी (Zardosi)
    • पिल्लो से बनी गोदड़ा बनाने की कला
    • धागे और नक्काशी से सजी गुदड़ी बनाने की कला
  • कश्मीरी कारीगरी
    • कश्मीरी कढ़ाई
    • पुलवामा की नमदा-कारीगरी
  • रज़ाई बनाने की कला
    • रज़ाई में नक्काशी और धागा काढ़ने की कला
    • विविध आकार में पट्टी छिद्रों की बनाने की कला

यहां कुछ मुख्याधिकारियों का उल्लेख है जो PM-VIKAS के सफल संचालन में सहयोग कर रहे हैं:

  • राज्य कौशल विकास निगम (SSDM)
  • प्रदेश कोचिंग सेंटर (PSC)
  • राष्ट्रीय कौशल विकास कार्यक्रम (NSDC)
  • केन्द्रीय कौशल विकास निगम (CSDM)
  • विभागीय प्रशिक्षण केंद्र (VTC)

ये सभी संगठन विभिन्न क्षेत्रों में प्रशिक्षण कार्यक्रमों को संचालित करके PM-VIKAS योजना के प्रमुख उद्यम पार्टनर हैं।

सारांश

इस लेख में हमने प्रधानमंत्री विश्वकर्मा कौशल सम्मान (PM-VIKAS) योजना के बारे में विस्तार से चर्चा की है। यह योजना भारतीय कारीगरों के बढ़ते कौशल को मजबूती और मान्यता प्रदान करने का प्रमुख माध्यम है। स्मार्ट निवेश, कारकर्ता के लिए मोटीवेशनल मौके और देश की अर्थव्यवस्था के संमृद्धि में इसका बहुत महत्व है। यह योजना भारत को विश्वव्यापी मानव संसाधन विकास का आदर्श बनाने के लिए महत्वपूर्ण कदम है।

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